12 दिसंबर को शुक्रास्त

10 -11 को वर्षा हुई !12 -13 को भीषण बर्फवारी हुई 

भूकंप - ईरान में -12 -12 -2017 को प्रातः 12.13 बजे , 'वातज' भूकंप !तीव्रता 6.2

 ईरान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत केरमान में मंगलवार को 6.2 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप ईरान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 12 बजकर 13 मिनट पर आया.                             

   ईरान के लोगों में अब पागलपन सवार होगा ,आतंकवाद में जन भागीदारीफिर देखने को मिलने लगेगी | पत्थरवाजी जैसी दुर्घटनाएँ फिर प्रारंभ होंगी !वहाँ की सरकार को विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए !  

अब देखिए इस भूकंप का फल ! 
    इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के आकाश में धुआँ धुँआ सा दिखाई पड़ने लगेगा तेज हवाएँ चलना भी संभव है आँधी तूफान का प्रकोप भी बढ़ सकता है ! सूर्य की किरणें भी धूमिल दिखेंगी अनाज, जल और औषधियों का नाश होगा !
   शरीरों में सूजन ,दमा एवं खाँसी से उत्पन्न पीड़ा बढ़ने  लगेगी  ।ज्वर रोग तथा  पागलपन की परेशानियाँ बढ़ेंगी इस क्षेत्र के अच्छे खासे शिक्षित और समझदार लोग भी न केवल पागलों जैसी दलीलें देते दिखेंगे अपितु उपद्रवी गतिविधियों में सम्मिलित होने में भी गर्व महसूस  करेंगे । 
  डॉक्टरों ,सैनिकों, महिलाओं नाचने गाने वालों ,फिल्मी कलाकारों एवं कारीगरों और व्यापार करने वाले लोगों पर विशेष भारी है ये भूकंप !ऐसे भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों को दिमागी चक्कर आने की बीमारियाँ बढ़ती हैं अचानक ऐसा गुस्सा आता है कि मरने मारने को उतारू हो जाते हैं इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के लोग !
      साँस फूलने संबंधी बीमारियाँ भयंकर रूप लेती जाती हैं इस भूकंप का प्रभाव तो 200 दिनों का होता है किंतु जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे घटता चला जाता है तब भी30-1-2018 का समय विशेष भारी होगा और  20  20-6-2018 परेशान करता रहेगा ।इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र को तब तक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ आतंकवादी समस्याओं से भी विशेष सावधान रहना होगा !

भूकंप:मेघालय में11 -12-2017 को प्रातः 4 .28 पर 'वातज' भूकंप ! तीव्रता 4.7

  इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में मेघालय के लोगों में अब पागलपन सवार होगा ,आतंकवाद आदि उप द्रवों में जन भागीदारी देखने को मिलने लगेगी |सरकार को विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के आकाश में धुआँ धुँआ सा दिखाई पड़ने लगेगा तेज हवाएँ चलना भी संभव है आँधी तूफान का प्रकोप भी बढ़ सकता है ! सूर्य की किरणें भी धूमिल दिखेंगी अनाज, जल और औषधियों का नाश होगा !

  शरीरों में सूजन ,दमा एवं खाँसी से उत्पन्न पीड़ा बढ़ने  लगेगी  ।ज्वर रोग तथा  पागलपन की परेशानियाँ बढ़ेंगी इस क्षेत्र के अच्छे खासे शिक्षित और समझदार लोग भी न केवल पागलों जैसी दलीलें देते दिखेंगे अपितु उपद्रवी गतिविधियों में सम्मिलित होने में भी गर्व महसूस  करेंगे । 

  डॉक्टरों ,सैनिकों, महिलाओं नाचने गाने वालों ,फिल्मी कलाकारों एवं कारीगरों और व्यापार करने वाले लोगों पर विशेष भारी है ये भूकंप !ऐसे भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में दिमागी चक्कर आने की बीमारियाँ बढ़ती हैं अचानक ऐसा गुस्सा आता है कि मरने मारने को उतारू हो जाते हैं इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के लोग !
      साँस फूलने संबंधी बीमारियाँ भयंकर रूप लेती जाती हैं इस भूकंप का प्रभाव तो 200 दिनों का होता है किंतु जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे घटता चला जाता है तब भी 30 -1-2018 का समय विशेष भारी होगा और  20-6-2018 परेशान करता रहेगा ।इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र को तब तक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ आतंकवादी समस्याओं से भी विशेष सावधान रहना होगा !सामाजिक दंगे न बढ़ने पाएँ ध्यान रखा जाना चाहिए !

भूकंप जम्मू कश्मीर में11 -12-2017 को प्रातः 8.49 पर 'वातज' भूकंप ! तीव्रता 4.5

  इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में जम्मू कश्मीर के लोगों में अब पागलपन सवार होगा ,आतंकवाद आदि उप द्रवों में जन भागीदारी देखने को मिलने लगेगी |सरकार को विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के आकाश में धुआँ धुँआ सा दिखाई पड़ने लगेगा तेज हवाएँ चलना भी संभव है आँधी तूफान का प्रकोप भी बढ़ सकता है ! सूर्य की किरणें भी धूमिल दिखेंगी अनाज, जल और औषधियों का नाश होगा !

  शरीरों में सूजन ,दमा एवं खाँसी से उत्पन्न पीड़ा बढ़ने  लगेगी  ।ज्वर रोग तथा  पागलपन की परेशानियाँ बढ़ेंगी इस क्षेत्र के अच्छे खासे शिक्षित और समझदार लोग भी न केवल पागलों जैसी दलीलें देते दिखेंगे अपितु उपद्रवी गतिविधियों में सम्मिलित होने में भी गर्व महसूस  करेंगे । 

  डॉक्टरों ,सैनिकों, महिलाओं नाचने गाने वालों ,फिल्मी कलाकारों एवं कारीगरों और व्यापार करने वाले लोगों पर विशेष भारी है ये भूकंप !ऐसे भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में दिमागी चक्कर आने की बीमारियाँ बढ़ती हैं अचानक ऐसा गुस्सा आता है कि मरने मारने को उतारू हो जाते हैं इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के लोग !
      साँस फूलने संबंधी बीमारियाँ भयंकर रूप लेती जाती हैं इस भूकंप का प्रभाव तो 200 दिनों का होता है किंतु जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे घटता चला जाता है तब भी 30 -1-2018 का समय विशेष भारी होगा और  20-6-2018 परेशान करता रहेगा ।इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र को तब तक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ आतंकवादी समस्याओं से भी विशेष सावधान रहना होगा !सामाजिक दंगे न बढ़ने पाएँ ध्यान रखा जाना चाहिए !

प्रदूषण :7-12-2017 से प्रदूषण क्रमशः स्वयं समाप्त हो जाएगा !इसके लिए सरकारें अपनी पीठ न थपथपाएँ !

प्रदूषण होता क्यों है इसका कोई प्रमाणित उत्तर न दे पाने वाले लोग प्रदूषण समाप्त करने की बात कैसे कर सकते हैं !
    प्रदूषण समाप्त होने में अभी 45 दिन और लगेंगे जो 7-12-2017 से क्रमशः एक एक अंश घटता स्वयं ही चला जाएगा ! यह सूर्यकृत प्राकृतिक प्रदूषण है जो सुदूर अंतरिक्ष से सूर्य की ऊर्जा के साथ पृथ्वी के वायु मंडल में व्याप्त हो गया था !इस वर्ष 10 जून से यह वायु प्रदूषण संगृहीत होने लगा था जो क्रमशः बढ़ता चला आ रहा था 6-12 -2017 को सुनियोजित तरीके से भूकंप के रूप में विस्फोट कर गया !जिसका वायु प्रदूषण स्वरूप मलबा अभी भी वातावरण में विद्यमान है जिससे पिघलने और स्वच्छ होने में 50 दिन लग जाएँगे जो 26 जनवरी 2018 तक क्रमिक रूप से समाप्त और स्वच्छ होता चला जाएगा ! एक एक अंश घटते घटते 200 दिनों में इसका असर सम्पूर्ण रूप से समाप्त हो पाएगा !
     विशेष समस्या इस वर्ष एक और है कि प्रकृति में पुनः वातात्मक भूकंप का गर्भाधान होने लगा है संभव है कि 26 जनवरी या उसके कुछ आगे पीछे किसी बड़े भूकंप का प्रसव हो !जिसे टालने के लिए अभी से यदि प्रचुर मात्रा में यज्ञ यागादि किए जाएँ तो संभव है कि संभावित भावी भूकंप प्रसव होने से पहले ही डायल्यूट हो जाए !
   समयविज्ञान की दृष्टि से -
    प्रदूषण प्राकृतिक और समय संबंधी समस्या भी तो हो सकती है  इधर ध्यान ही नहीं दिया  जाता है क्यों ?क्यों जिसमें किसी का कोई बश नहीं हैं इसे भी समझा जाए !
      प्रत्येक वर्ष में देश या विश्व के हर कोने में प्रदूषण समस्या रहती ही है ये 18अक्टूबर से प्रारंभ होकर 18नवंबर तक प्रत्येक वर्ष रहती ही है  इसके बाद घटना प्रारंभ होती है जो 18 मार्च तक क्रमशः घटती चली जाती है! इसकी  हमेंशा से ऐसी ही स्थिति चलती चली आ रही है !जिस वर्ष इस बीच कुछ पानी बरस जाता है या हवाएँ चल जाती हैं उस वर्ष इसकी मात्रा घट जाती है और वैसे बढ़ी बनी रहती है !
   इस समय लोगों का आत्मबल बहुत घट जाता है हार्टबीट बढ़ जाती है सिर में चक्कर आना ,आँखों में जलन होना ,जरा जरा सी प्रतिकूल बातें सुन कर घबड़ाहट होने लगना ये सब इस समय की देन हैं!ऐसी बातों का वायु प्रदूषण से कोई संबंध नहीं है!

    रही बात धान के पुआल के जलाने से होने वाले धुएँ की तो उसका इस प्रदूषण से कोई लेना देना है ही नहीं क्योंकि वो धुआँ धान के पुआल का होने के कारण न आँखों के लिए अहितकर होगा और न स्वास्थ्य को ही किसी प्रकार से कोई हानि पहुँचाएगा क्योंकि उसमें धान और चावल का अंश होता है जो स्वास्थ्य के लिए किन्हीं भी परिस्थितियों में हानि कारक हो ही नहीं सकते हैं !किंतु इस धुएँ में जितनी मात्रा ये धुआँ केमिकल या बाहनों से निकलने वाले धुएँ का होता है तब तो हानिकारक होगा ही जिसके लिए किसानों को कृषि को और पुआल जलाने को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है !

भूकंप दिल्ली में 6-12-2017 को सायं 8.49 पर 'वातज' भूकंप ! तीव्रता 5.5

दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके,इसका केंद्र उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में था!इस भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई है. ये भूकंप 8.49 मिनट पर आया.      

    भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में हैदराबाद  के लोगों में अब पागलपन सवार होगा ,आतंकवाद आदि उपद्रवों में जन भागीदारी देखने को मिलने लगेगी |सरकार को विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए ! इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के आकाश में धुआँ धुँआ सा दिखाई पड़ने लगेगा तेज हवाएँ चलना भी संभव है आँधी तूफान का प्रकोप भी बढ़ सकता है ! सूर्य की किरणें भी धूमिल दिखेंगी अनाज, जल और औषधियों का नाश होगा !

  शरीरों में सूजन ,दमा एवं खाँसी से उत्पन्न पीड़ा बढ़ने  लगेगी  ।ज्वर रोग तथा  पागलपन की परेशानियाँ बढ़ेंगी इस क्षेत्र के अच्छे खासे शिक्षित और समझदार लोग भी न केवल पागलों जैसी दलीलें देते दिखेंगे अपितु उपद्रवी गतिविधियों में सम्मिलित होने में भी गर्व महसूस  करेंगे ।

  डॉक्टरों ,सैनिकों, महिलाओं नाचने गाने वालों ,फिल्मी कलाकारों एवं कारीगरों और व्यापार करने वाले लोगों पर विशेष भारी है ये भूकंप !ऐसे भूकंप से प्रभावित क्षेत्र के लोगों में दिमागी चक्कर आने की बीमारियाँ बढ़ती हैं अचानक ऐसा गुस्सा आता है कि मरने मारने को उतारू हो जाते हैं इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के लोग !
      साँस फूलने संबंधी बीमारियाँ भयंकर रूप लेती जाती हैं इस भूकंप का प्रभाव तो 200 दिनों का होता है किंतु जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे घटता चला जाता है तब भी 25-1-2018 का समय विशेष भारी होगा और  10-6-2018 परेशान करता रहेगा ।इस भूकंप से प्रभावित क्षेत्र को तब तक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ आतंकवादी समस्याओं से भी विशेष सावधान रहना होगा !सामाजिक दंगे न बढ़ने पाएँ ध्यान रखा जाना चाहिए !
    ओखी तूफान के कारण इस क्षेत्र में आया था भूकंप !

टीवीचैनलों पर ज्योतिष बताने वाले लोग ज्योतिष पढ़े लिखे नहीं हो सकते !विश्वसनीय नहीं हो सकते ! ईमानदार ज्योतिषी नहीं हो सकते !जानिए क्यों ?

    कोई ईमानदार ज्योतिषी टीवीचैनलों का खर्चा ईमानदारी से निकालेगा कैसे?कोई डिग्री होल्डर ज्योतिषी ज्योतिष संबंधी बकवास करने के लिए इतने पैसे टीवीचैनलों को देगा क्यों ?डाक्टर इंजीनियर आदि तो ऐसा करते फिर ज्योतिष वैज्ञानिकों को पागल कुत्ते ने काटा है वो विज्ञापन के लिए इतना धन खर्च क्यों करेंगे !   
    टीवी चैनल प्रतिदिन प्रति 20 मिनट तक ज्योतिष संबंधी बकवास करने के लिए प्रत्येक दिन के हिसाब से कम से कम बीस हजार 20000 Rs लेते हैंइससे अधिक कुछ भी हो सकता है !कई लोग कई कई चैनलों पर दिन में कई कई बार बकवास करते दिखाई देते हैं ये करोड़ों रूपए का टीवी वालों का बिल क्या ईमानदारी से चुकाया जा सकता है ?यदि हाँ तो कैसे ?वो स्रोत सार्वजानिक किए जाएँ !सरकार का आयकर विभाग इनके आय स्रोतों की जाँच करे अभी सारा कालाधन सामने आ जाएगा !
      दूसरी बात जिसने ज्योतिष सब्जेक्ट में सरकार के किसी विश्व विद्यालय से MA समकक्ष कोई डिग्री ले ही लेगा तो उसे टीवी पर बकवास करके ये सिद्ध करने की जरूरत ही क्यों पड़ेगी कि वो ज्योतिषी है !किसी डाक्टर इंजीनियर आदि को तो ऐसा करते नहीं देखा जाता है इसी तरह ज्योतिष वैज्ञानिक भी ऐसा कर ही नहीं सकते जो करते हैं वे ज्योतिषी हो ही नहीं सकते !सरकार का भ्रष्टाचार विभाग ऐसे बकवासियों की ज्योतिष सब्जेक्ट से संबंधित डिग्रियों की जाँच करे अभी सारा फ्रॉड सामने आ जाएगा ! 
    ज्योतिष संबंधी सेवाओं के लिए आप जिस जिस के पास जाते हैं सबसे पहले देखिए कि वो ज्योतिष पढ़ा भी है या नहीं ?क्योंकि 99प्रतिशत से भी अधिक ज्योतिष बिना पढ़े लिखे लोग खिलवाड़ कर रहे हैं समाज के साथ !ऐसे लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि इनके झूठों पाखंडों धोखाधड़ी के शिकार लोग ज्योतिष को गलत मानने लगते हैं ठीक उसी तरह जैसे किसी मोची से हार्ट सर्जरी करवाकर केस बिगड़ जाने पर हार्ट सर्जरी की प्रक्रिया को ही कोसा जाने लगे !
   फ्री के चक्कर में अक्सर  झोला छाप बाबा पंडित पुजारी जैसे पालतू प्रवृत्ति के लोग ज्योतिष के नाम पर हवा हवाई सपने दिखाया करते हैं और नग नगीने यंत्र तंत्र ताबीज पहनाया करते हैं !
   इसलिए ज्योतिष की यदि वास्तव में जरूरत हो तो योग्य ज्योतिष विद्वानों को उनका पूर्ण पारिश्रमिक देकर ज्योतिष संबंधी काम लिया जाए तो सच्चाई की उम्मीद भी करनी चाहिए | अन्यथा कोई किसी के लिए क्यों परिश्रम करेगा ! इसलिए फ्री ज्योतिष में दरिद्रता और कंजूसी करने वाले लोग ही ज्योतिष की बदनामी करते फिरते हैं गलती उनकी अपनी और गलत ज्योतिष को बताते हैं | 
    इसलिए उचित है कि भाग्य पर भरोसारखा जाए या फिर ईश्वर ने जो दिया है उसमें संतोष किया जाए अन्यथा कुछ पाने के लिए कुछ खोना तो पड़ता ही है फ्री में कहीं कुछ नहीं मिलता है | 
      वैसे भी "जैसी दक्षिणा वैसा लाभ "वाले सिद्धांत से ही विद्वान् लोग भी चलने लगे हैं आजकल ये उनकी अपनी मज़बूरी है |  इसलिए जिन्हें वास्तव में ज्योतिष की आवश्यकता है वो धन खर्च करें काम करावें अन्यथा कंजूसी से अपना नुकसान करके ज्योतिष को बदनाम न करें | 
     ज्योतिष जैसे इतने महान विज्ञान को बदनाम  कर रहे हैं वो लोग जिनका ज्योतिष से कोई संबंध ही नहीं है !ज्योतिष के नाम पर पाखंड फैलाने वाले या संतान का लालच देकर बलात्कार करने वाले या पीड़ितों का वीडियो बनाकर भय दोहन करते रहने वाले,टीवी चैनलों पर या समाज में ज्योतिष के नाम पर बड़ी बड़ी बकवास करने वाले 99प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो ज्योतिष नहीं जानते वो सरकार के किसी भी विश्वविद्यालय से पढ़कर ज्योतिष(सब्जेक्ट) की कोई डिग्री हासिल नहीं कर पाए !फिर भी अपने को ज्योतिषी सिद्ध करने पर आमादा हैं नेताओं अभिनेताओं के साथ फोटो बनवाकर इतनी बड़ी बड़ी फेंकते हैं जैसे दुनियाँ हथेली पर रख कर देख रहे हों किंतु ज्योतिष की क्वालीफिकेशन पूछते ही सारी  बकवास बंद हो जाती है ऐसे लोगों से समाज जब तक बेवकूप बनता रहेगा तब तक वो बनाते  रहेंगे इसलिए अब समाज को ऐसे लोगों का करना चाहिए  बहिष्कार !बंद करो ज्योतिष से भ्रष्टाचार ! 
 हमारे यहाँ ज्योतिष संबंधी जरूरतों के लिए किया जा सकता है संपर्क !
 ज्योतिषसंबंधी प्रश्नकुंडली या जन्मकुंडली या वास्तुकुंडली से संबंधित कोई तीन प्रश्न उसके लिए पहले जमा करना होगा Rs.1100
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     एकाउंट में  फीस जमाकरने के साथ ही भेजें अपनी डेट ऑफ़ बर्थ और फ़ोन पर संपर्क करें -
     संपर्क सूत्र -09811226973 \011 ,22002689
        ज्योतिष बहुत बड़ा विज्ञान है किंतु इस क्षेत्र में योग्य  लोगों का अभाव है । इस क्षेत्र में ज्योतिषसब्जेक्ट में BHU जैसे सरकारी विश्वविद्यालयों  से क्वालीफाइड डिग्री होल्डरज्योतिष विद्वान ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं अन्यथा सामान्य पंडितों पुजारियों के बश की बात नहीं है ।  
   समय संबंधी पूर्वानुमान लगाने के लिए ज्योतिषशास्त्र के अलावा इस संसार में और कोई दूसरा विकल्प नहीं है! जीवन में कब क्या अच्छा बुरा घटित होगा कब कोई बीमारी होगी कब किसी से धोखा मिलेगा  !कब किस काम में घाटा मुनाफा होगा आदि भविष्य संबंधी पूर्वानुमान लगाने के लिए ज्योतिषविज्ञान  के अलावा और दूसरा विकल्प क्या है !किंतु इतनी बड़ी बड़ी गंभीर बातों के जीवन संबंधी समाधान जानने के लिए लोग आम पंडितों पुजारियों या टीवी चैनलों पर बकवास करने वाले लोगों के षड्यंत्रों में न फँसकर ज्योतिषविद्वानों के संपर्क में जाएँ तो निकल सकते हैं सभी समस्याओं के अच्छे समाधान !  
   रोग और मनोरोग हैं ही ज्योतिष के विषय :
     किसी रोगी के लिए औषधि का जितना महत्त्व है समय का उससे कम नहीं है क्योंकि रोगियों का समय यदि ठीक अर्थात उनके अनुकूल हो तो औषधि के बिना भी रोगी स्वस्थ होते देखे जा सकते हैं केवल समय कुछ अधिक लग सकता है बस !ऐसे ही तो जंगलों में रहने वाले लोग या आपस में लड़ झगड़ कर घायल हो जाने वाले पशु आदि बिना औषधि के ही समय के साथ साथ  ही स्वस्थ हो जाया करते हैं किंतु जिस रोगी का समय ही ठीक न हो कितना भी अच्छा चिकित्सक और कितनी भी अच्छी औषधि आदि भी उसे स्वस्थ नहीं कर सकते !अन्यथा बड़े बड़े राजा महाराजा सेठ साहूकार आदि न तो बीमार होते और न ही मरते क्योंकि उनके पास तो सारे साधन होते ही हैं । 
    इसलिए लगता है कि रोगी की चिकित्सा के लिएऔषधि से अधिक महत्त्वपूर्ण है समय और किसी के अच्छे बुरे समय का पता ज्योतिष से ही लगाया जा सकता है । 
मनोरोग -    
    ज्योतिष बहुत बड़ा विज्ञान है किंतु इस क्षेत्र में योग्य  लोगों का अभाव है । इस क्षेत्र में ज्योतिषसब्जेक्ट में BHU जैसे सरकारी विश्वविद्यालयों  से क्वालीफाइड डिग्री होल्डरज्योतिष विद्वान ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं अन्यथा सामान्य पंडितों पुजारियों के बश की बात नहीं है । समय संबंधी पूर्वानुमान लगाने के लिए ज्योतिषशास्त्र के अलावा इस संसार में और कोई दूसरा विकल्प नहीं है!
    ज्योतिष के द्वारा रिसर्च करके यह पता लगाना संभव है कि किसी के मन में तनाव क्यों होगा, किस वर्ष होगा, किससे संबंधित होगा कितने समय तक रहेगा और ठीक कैसे होगा !जिसके लिए प्रिवेंटिव प्रयास किए जा सकते हैं कुछ सहने का अभ्यास किया जा सकता है ।कुल मिलाकर इन सबका निराकरण ज्योतिष में है ज्योतिष से संबंधित काउंसलिंग व्यवस्था भी अधिक प्रभावी है और इसका उपाय भी ज्योतिष में ही है मनोरोग के डॉक्टर तो अनुभव और अनुमान के आधार पर समझा कर करते हैं मन की चिकित्सा किंतु ज्योतिष तो क्षेत्र ही मन का है !
    जन्म समय के आधारपर सारे जीवन के सुख दुःख बीमारी आरामी हानि लाभ मित्रता शत्रुता आदि के विषय में ज्योतिष के द्वारा पूर्वानुमान लगा लिया जाता है इसके द्वारा वर्षा बाढ़ भूकंप जैसी परिस्थितियों के संकेतों पर रिसर्च करके पता किया जा सकता है । किस उम्र में क्या बीमारी होगी ,किस स्त्री या पुरुष ,लड़के या लड़की के साथ कितने दिन कैसी निभेगी या नहीं निभेगी ,कब किससे कितना और कैसा तनाव होगा !
   अनपढ़ पंडितों पुजारियों टीवी चैनलों पर ज्योतिष के नाम पर बकवास  करने वालों ने ज्योतिष का सबसे बड़ा नुक्सान किया है ।
   सामान्य पंडितों पुजारियों या टीवी चैनलों पर ज्योतिष के नाम पर बकवास करने वाले पाखंडियों  के चंगुल में फँसे लोग जब तक उन लोगों की हरकतें समझ पाते हैं तब तक देर हो चुकी होती है उनसे लुटने  पिटने के  बाद ज्योतिषशास्त्र की निंदा करते घूमते हैं!अरे !किसी मोची से हार्ट सर्जरी करवाकर  किसी हार्ट सर्जन की निंदा क्यों करते हैं लापरवाह लोग !उन्हें पहले ही खोजकर विद्वान् ज्योतिषियों से मिलना चाहिए !
 हमारी भी ज्योतिष सब्जेक्ट की क्वालीफिकेशन जरूर चेक करें और तुलना करें अन्य ज्योतिषियों से -
   हमारी भी ज्योतिष संबंधी डिग्रियाँ देखें और RTI डालकर सभी ज्योतिषियों की तरह ही हमारी भी ज्योतिषसंबंधी क्वालीफिकेशन की सच्चाई का पता कर लें बाद में ठीक लगे तो ज्योतिष संबंधी कार्यों के लिए हमारे यहाँ संपर्क !seemore... http://jyotishvigyananusandhan.blogspot.in/p/blog-page_7811.html
  ज्योतिष के क्षेत्र में धोखाधड़ी से बचने का एक मात्र रास्ता है चिकित्सा की तरह ही ज्योतिष के लिए भी आप जागरूक हों और ज्योतिष की जानकारी भी डिग्रीहोल्डर ज्योतिषी से ही लें !जो ज्योतिष पढ़ा ही नहीं होगा उससे आप भविष्य पूछेंगे तो ठगे जाएँगे ही और ऊटपटाँग बहम भी डाले जाएँगे !
     बंधुओ!टी.वी. चैनलों पर ज्योतिष बकने और राशिफल नामक झूठ बोलने वाले 99प्रतिशत लोग ज्योतिष को बिलकुल न जानने वाले होते हैं इसीलिए ज्योतिष के विषय में उनके द्वारा बताई गई बातें और उपाय आदि 101 प्रतिशत झूठे होते हैं !उनके द्वारा की जाने वाली बकवास का किसी शास्त्र में कहीं कोई प्रमाण नहीं मिलता !
   ऐसे सभी ज्योतिषियों की सच्चाई जानने के लिए टी.वी. चैनलों के नाम से RTI डालकर पता कीजिए कि उन्होंने किस विश्व विद्यालय से ज्योतिष सब्जेक्ट में किस कक्षा तक ज्योतिष का अध्ययन किया है?सारी धोखाधड़ी खुलकर सामने आ जाएगी !
   ज्योतिषवैज्ञानिकों की संख्या बहुत  कम होने के कारण उन्हें आपको खोजना पड़ेगा वे टीवी चैनलों पर बैठकर बकवास करते कभी नहीं मिलेंगे आपको !आज कोई अपने बच्चे को ज्योतिष नहीं पढ़ाना चाहता इसीलिए अनपढ़ और बेरोजगार लोग मनोरोगी होने के कारण अपने को ज्योतिषी कहने लगते हैं और बकने लगते हैं लोगों के भविष्य से  संबंधित ऊटपटाँग बातें और बताने लगते हैं कौवे कुत्ते वाले मूर्खता पूर्ण उपाय !
   ज्योतिष के क्षेत्र में ऐसे लोग जिन्होंने "बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी(BHU)"जैसे किसी बड़े एवं प्रमाणित  विश्वविद्यालय  के ज्योतिष डिपार्टमेंट से सब्जेक्ट रूप में ज्योतिष पढ़ी भी हो !उसमें भी ज्योतिष सब्जेक्ट में M.A. ,Ph.D. आदि डिग्रियाँ भी हासिल की हों !ऐसे लोग ही ' ज्योतिषवैज्ञानिक' कहलाने के अधिकारी हैं। ऐसे विद्वान लोग ही कुंडली बना सकते हैं और कौन कुंडली सही है गलत उसकी सच्चाई समझ सकते हैं । 
   कंप्यूटर की बनी कुंडलियों या आम पंडितों पुजारियों के द्वारा बनाई गई कुंडलियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि कुंडली बनाना अत्यंत कठिन काम है ये उनके बश का नहीं है क्योंकि उन्होंने ज्योतिष पढ़ी ही नहीं होती है यदि पढ़े होते तो इस सच्चाई को वे बेचारे भी समझ सकते थे ।इसीलिए हमारे यहाँ आज भी 'पंचांगपद्धति'  से बनाकर देखी जाती हैं कुंडलियाँ !
   कंप्यूटर से बनी कुंडलियों की दशाओं में और  वास्तविक भारतीय 'पंचांगपद्धति' अर्थात ज्योतिष विद्वानों के द्वारा हाथ से बनाई गई कुछ कुंडलियों में  40 महीनों तक का अंतर मिलते देखा जाता है इसलिए कंप्यूटर से बनी कुंडलियों पर विश्वास नहीं किया जा सकता !केवल काम चलाया जा सकता है । जीवन से खिलवाड़ करने की अपेक्षा उचित है 'पंचांगपद्धति' से कुंडली बनाना और देखना !क्योंकि सही तो 'पंचांगपद्धति' से बनी जन्म कुंडलियाँ ही होती हैं ।जिन्हें बनाने के लिए हमारे यहाँ की फीस है -Rs . 5100   
     वास्तु कुंडली - सके द्वारा किसी के मकान दुकान और प्लॉट पर पहुँचे बिना भी वास्तुकुंडली  से जाना जा सकता है उस वास्तुभूमि और वहाँ रहने वालों का अच्छा बुरा भविष्य !क्योंकि वास्तु दोष के कारण घर में घुसने पर घबड़ाहट होना, घर में मन न लगना परिवार के लोगों से बात करने की इच्छा न होना ,वास्तु दोष के कारण होने वाली बेचैनी के लिए घर के सदस्यों को दोषी समझकर उनसे अकारण लड़ते रहना उन्हें छोड़ने का बिचार बना लेना तलाक ले लेना !घर में पति पत्नी को शारीरिक संबंधों में संतुष्टि न मिलना,स्वस्थ होने पर भी संतान न होना, घर का बना हुआ खाना अच्छा न लगना,दवा लेने के बाद भी निरन्तर चलने वाली बीमारी ,ग्रहदशा ठीक होने और पूर्ण प्रयास करने पर भी निरंतर घाटा चलना आदि वास्तु दोष के लक्षण हैं जिनके कारण लोग अपने घर के सदस्यों को एक दूसरे का दुश्मन समझने लगते हैं । वास्तुभूमि और अपने घर की जाँच करवाने के लिए हमारे यहाँ बनाई जाती है वास्तु कुंडली और बताए जाते हैं उपाय इसकी फीस Rs . 5100 +1100 =6200 Rs
     हमारे यहाँ ज्योतिष संबंधी जरूरतों के लिए किया जा सकता है संपर्क !ज्योतिषसंबंधी प्रश्नकुंडली या जन्मकुंडली या वास्तुकुंडली से संबंधित कोई तीन प्रश्न उसके लिए पहले जमा करना होगा Rs.1100
 डॉ.शेष नारायण वाजपेयी SBI-10152713661 
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     एकाउंट में  फीस जमाकरने के साथ ही भेजें अपनी डेट ऑफ़ बर्थ और फ़ोन पर संपर्क करें -
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अलग अलग कार्यों के अनुसार फीस का विवरण -
 विवाहबिचारने संबंधी प्रश्नों के लिए -
   इसमें दो कुंडलियों के लिए डबल चार्जेज अर्थात 2200 Rs जमा करने होते हैं इसमें दोनों कुण्डलियाँ बनाना और दोनों के संपूर्ण जीवन का संक्षिप्त अध्ययन करने के बाद जीवन का मिलान करना होता है।केवल गुण मिलाना उचित नहीं है । 
    संतान न होने संबंधी प्रश्नों के लिए -
   इसमें भी दो कुंडलियों के लिए डबल चार्जेज अर्थात 2200 Rs जमा करने होते हैं क्योंकि संतान पति पत्नी दोनों का विषय होता है और दोनों कुंडलियों पर गम्भीर अनुसन्धान करके ही संतान सुख संबंधी निर्णय करना होता है । 
वैवाहिक जीवन में कलह संबंधी प्रश्नों के लिए-
     इसमें पति -पत्नी दोनों की कुण्डलियों पर ही गंभीर रिसर्च करके ये पता लगाना होता है कि तनाव का वास्तविक कारण है कौन ! इसके लिए पति पत्नी दोनों की कुंडली तो चाहिए ही किंतु यदि उससे समाधान न निकले तो घर में एक साथ रहने वाले संपूर्ण सदस्यों की कुंडली बनानी और देखनी होती है अन्यथा जिन सदस्यों के कारण कलह रहता हो उन उनकी कुंडली देखनी होती है जिनकी कुंडली न हों उनके  नाम चाहिए होते हैं जितनी कुंडली उसी हिसाब से प्रत्येक 1100 Rs फीस । सबके आधार पर देखना होता है कि इस घर की कलह का मुख्य कारण  कौन है क्यों है कब तक है और उसे ठीक करने का उपाय क्या है !
प्रेमी या प्रेमिका  के कारण घर में तनाव संबंधी प्रश्न -
     इसमें पति पत्नी तथा उस तीसरे सदस्य की कुंडली ,अथवा पुकारने का नाम आवश्यक होता है ऐसे केस में तीन फीस अर्थात 3300 Rs जमा करने होते हैं इसमें इस बात की रिसर्च कारण होती है कि दो के बीच तीसरा आया क्यों ? वो जाएगा या नहीं रहेगा तो कब तक !उपाय है तो क्या !
     प्रेमी या प्रेमिका संबंधी प्रश्न के लिए -
     ऐसे दोनों मनोरोगियों की कुंडली या प्रश्न कुंडली और 2200 Rs चाहिए !जिन मनोरोगियों के भाग्य में पति या पत्नी संबंधी सुख जितना कम बदा होता है या जिनकी मृत्यु किसी स्त्री या पुरुष के कारण या द्वारा द्वारा लिखी होती है उन्हें अक्सर किसी का प्रेमी या प्रेमिका बनने का दुर्भाग्य सहना पड़ता है।ऐसे लोग अक्सर एक दूसरे से धोखा खाने के लिए बने होते हैं कब कहाँ कितने खतरे से खेलना पड़ जाए कहा नहीं जा सकता ! इसलिए ऐसे लोगों की सबसे पहले आयु देखनी होती है उसके बाद पति या पत्नी सम्बन्धी सुख देखना होता है ।उसी हिसाब से उन्हें गाइड करना और उपाय बताने एवं उन्हें बचाना होता है । 
  तलाक या विवाह विच्छेद संबंधी विषय में टूटते हुए विवाह को बचा लेने की ज्योतिष में 70 प्रतिशत संभावनाएँ होती हैं !
      उन दोनों की कुण्डलियाँ एवं संतानों की कुण्डलियाँ देखना जरूरी होता है प्रत्येक सदस्य के लिए 1100 Rs के हिसाब से जमा करने होते हैं । कई बार पति या पत्नी की कुंडलीमें जीवन साथी से सुख न बदा होने के कारण शादी या प्रेम करना और छोड़ना इनके स्वभाव में होता है । कई बार किसी संतान की कुंडली में माता या पिता का सुख नहीं बदा  होता है इस कारण उसके माता पिता झगड़ते रहते हैं उसकी शांति करके विवाह को बचाया जाना चाहिए इसी प्रकार कई बार पति या पत्नी या दोनों का ही साल दो साल तीन साल के लिए कोई समय खराब आ जाता है उसे न सह पाने के कारण ऐसे लोग यह सोच कर घबड़ा उठते हैं कि ऐसा यदि जीवन भर रहा तो क्या करेंगे जबकि वो थोड़े दिनों के लिए होता है जिसके उपाय करके और कुछ सहकर परिवार को टूटने से बचा लिया जाता है !इससे संतानों का भविष्य भी बर्बाद होने से बचा लिया जाता है। ऐसे लोगों को काउंसलिंग के लिए हर महीने सारी कुंडलियों के साथ मिलना होता है सबके चार्ज जमा करने होते हैं वास्तु कुंडली भी बनवानी होती है ।इसके बाद प्रयास पूर्वक उनके जीवन को बिखरने से बचा लिया जाता है।
    यदि ज्योतिष या वास्तु से सम्बंधित किसी काम के लिए जो लोग हमारे संस्थान से सहयोग लेना चाहते हैं उन्हें संस्थान के कोष में सहयोग राशि के रूप में कम से कम 1100 रुपए जमा करके अपने जन्म की तारीख महीना एवं सन और दिन तथा जन्म स्थान भेजना होगा बीते जीवन की कोई दो घटनाएँ भी भेजकर अगले दिन संपर्क करना होगा उसके लिए समय दे दिया जाएगा ।  
   सभी प्रकार के सामान्य प्रश्नों का शास्त्रीय उत्तर पाने के लिए सामान्य शुल्क जो 1100 रूपए रखी गई है वो हमारे SBI के एकाउंट में डालकर अपनी डिटेल भेजने के बाद फोन पर उस विषय में डिस्कस करने के लिए समय लिया जा सकता है जो अधिकतम 30 मिनट होगा । एक बार में किसी एक पत्री के विषय में अधिकतम तीन प्रश्न तक पूछे जा सकते हैं जो डिटेल के साथ ही लिखकर भेजने होंगें ! 
   प्रश्नोत्तर का यह काम फोन पर ही करने की व्यवस्था है किन्तु दिए हुए समय पर संपर्क न करने पर आपकी प्रदान की गई राशि वापस नहीं की जा सकेगी क्योंकि इसके लिए जो काम करना होता है वो तो किया  चुका होता है इसलिए धनराशि वापस नहीं की जाती है । यदि कोई किसी को किसी विशेष परिस्थिति में लगता है कि उसका मिल पाना दिए हुए समय में संभव नहीं होगा तो इसकी सूचना उसे कम से एक घंटे पहले देनी होगी ।
    नोट -विशेष प्रश्नों के लिए विशेष शुल्क होगी वो प्रश्न की अवस्था के अनुशार होगी !काउंसेलिंग आदि के प्रश्नों के अधिक समय लगने के कारण हर आधे घंटे के 1100 के हिसाब से ही देना होगा जिसके लिए अमाउंट पहले ही जमा करना होगा निम्न लिखित एकाउंट में अपने कार्य के अनुशार फीस जमा करके समय लें ! 
विशेष सहयोग राशि -
 वास्तु परीक्षण एवं वास्तु कुंडली निर्माण के लिए 5100 
 अपनी कुंडली पंचांग पद्धति से बनवाने के लिए    5100 
विवाह मिलान में बृहद्विचार के लिए                  5100
  घर के किसी सदस्य की किसी गंभीर बीमारी या व्यापार परिवार आदि में किसी गंभीर संकट आ जाने पर या कोई नया बड़ा निर्णय लिए जाने की स्थिति में जिसमें किसी बड़े हानि लाभ की संभावना हो ऐसी परिस्थिति में घर के जिम्मेदार सभी सदस्यों की कुंडली एवं वास्तु स्थिति का सम्यक परीक्षण करके खोजना होता है उस परिस्थिति को पैदा होने का वास्तविक कारण !इसलिए ऐसी स्थिति में उससे सम्बंधित किन्हीं पाँच कुंडलियों के परीक्षण एवं वास्तु परीक्षण के लिए  - 11000 जमा करके हमें डिटेल उपलब्ध करना होता है !
नोट - एक बार फीस जमा करके वापस नहीं की जा सकेगी !
  आवश्यक बात -कृपया हमारे यहाँ किसी पंडित, पुजारी या और किसी झोला छाप अर्थात बिना ज्योतिषीय डिग्री वाले ज्योतिषी की कही हुई बातों या डाले हुए बहमों पर डिस्कस न करें !हम उसमें आपका सहयोग नहीं कर पाएँगे ! 
    किसी की हार्टसर्जरी में केवल यह सोचकर कि केवल काटना और सिलना ही होता है इसलिए किसी हार्ट सर्जन का काम किसी मोची से लिया जाए उसके परिणाम जैसे होंगे वैसे ही बिना डिग्री होल्डर ज्योतिषी की बात तुक्का लगेगा तो सही हो भी सकती है !इसलिए कृपया हमारी बात या किसी डिग्री होल्डर ज्योतिषी की बात ही हमसे करें बाकी आप जानें आपका अनुभव जाने !